जंगलराज अउ सलवा जुडुम शंखिनी डंकिनी के धार, पावन इंद्रावती कछार साजा सरई के छांव मां, बसे सुघ्घर आमचो गांवजयदाई दंतेसरी- जय जय लिगांदेव-उंच शल्फी हे गांव भर मां, इतवारी के घर मां घटाघोप जुड़े मनखे, सइमों सइमों करत हेगुरु मांय सुमर के, धनकूल शुरु करत हेधम्म छनन्ना...धम्म छनन्ना...भाग जबर पुनिया के, कोख उपजारे दूठन हीरा राम लखन जस, सोमारू मंगलू जावंर जींयाभरवा काड़ी कस बाड़े खोर गली मां इतराए भवंरा बांटी डंडा पचंरगा, मारी रसोनो रिलो बर बंजरगाअक्षर सीखे जाय स्कूल, जिंदगी सीखे बर घोटूलमेला मड़ई हप्ता हाट कुकरा लड़ई अउ भतरा नाट नाद कंठ मिरदंग सुरताल रात-रात भर थिरके पांव सरग कहुं देखना हे तुमला, तब आव बस्तरिया गांव किसिम किसिम के देवता धामी- जातरा दशरहा जगारकुलुप परे बस्तर मां, चइत परब दियारी तिहारफेर कटीस नहीं घूप्प अंधियार, देवता तक नइ पाइन पार जुग जुग ला शोसित उपेक्षित, आदिम जीवन जिये बर सरापितकाला जार मलेरिया कभू दस्त, महामारी के हावे अभियस्त खाये बर ना अन्न, ओनहा न तन, करलई हे जन गन मनअफसर नेता के का कहना, का के पीरा उनका नइये रहनाउपर ले कोचिया मन के लूट चरदिस बस्तर ला खूरखूटएक दिन भूले भटके, कुछ मनखे मन आ धमके तोर जगंल तोर जमीन, कब तक रइहू उदासीन संग देवउ अउ हक बर लड़व, आव सब जोट मां जुड़व अरे लइका नइ रोही ता, का महतारी दूध पिआहीमत गुन-उठा बंदुक,का के संसो अपन हक ले, चल चल चलो निकल लेबहक गे समारू उनखर गोंठ मां मिल गे जा के जोट मांपढ़ते पढ़त मंगलू के दिन फिरगे, सरकारी सिपाही बनगेगांव आय मां बड़ मान मिलिस अशिस देत संरपंच किहीसएक परलोखिया माटी मां मेलिस नांव, पुरखा तारे तै रोशन होगे गांवडुगडुगी बाजत हे हांका परत हे, जम्मो परानी बड़े सरई तिर जुरत हेसलवा जुडुम के जय जय कार, हमर संग हावय सरकार कोरी कोरी मनखे चलिन शिविर, अरे जान बचाय के सरकारी उदिमत मांदर के थाप सिरागे रिलो घोटूल उजरगेपुरखा के डेहरी बिसरागे, गांव के गांव उजरगेगाय गोरू बोकरा भेंड़, कोठा में दे हे संग बेड़गुजर बसर बस खरइखा डांड़, जिंदगी ह अब होगे डांड़कटही कब कुलुप अउ कब बिहान होहीअइसन कतेक दिन ल चलहीबिलखत मनखे सकलाय, शहीद मंगलू के लाश ला घेरेबीर सपूत घनघोर लड़िस दस दस झन ला मार गिराइसतभ्भे संदेशा एक ठन आइस, रथिया मुठाभेंड़ मां सोमारू सिरागिसतर तर तर तर आंसू के धार, संघरा दुनो झन होइस खुवारदाई ददा संग सब सकुड़दुम, वाह रे जगंलराज वाह रे सलवा
-प्रो. अनिल कुमार भतपहरीश्री सुकाल सदन, कमल कालोनी, बलौदाबाजार
2 comments:
समीर भाई आप मन के ब्लाग के Setting मा हलेचकुन गलती होंगे हे । थोरकुन Setting ल देखहू ।
समीर भाई आप मन के ब्लाग के Setting मा हलेचकुन गलती होंगे हे । थोरकुन Setting ल देखहू
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