Monday, September 17, 2007

नवा राज के सपना..................
नवा
राज के सपना, आँखी म आगे गाँव- गाँव के जमीन बेचाथे , कहाँ-कहाँ के मनखे आके उद्योग कारखाना अउ जँगल लगाथेहमर गाँव के मनखे पता नही कहाँ, चिरई कस उड़िया जाथे ,कतको रायपुर राजधानी म रिकसा जोँतत हे किसान मजदूर बनिहार होगे गाँव के गौँटिया नँदागे , नवा कारखाना वाले , जमीँदार आगे ।

-- लक्ष्मण मस्तुरिया

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